81 फीट ऊंची प्रतिमा का काम अचानक रुका
बांग्लादेश में भगवान राम की प्रस्तावित सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण कार्य को फिलहाल रोक दिया गया है। गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी उपजिला क्षेत्र में बन रही इस प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण कार्य रुकने के बाद हिंदू संगठनों और अल्पसंख्यक समुदायों में नाराजगी बढ़ गई है।
कट्टरपंथी दबाव के आरोप
मंदिर समिति से जुड़े लोगों का दावा है कि कुछ समूहों द्वारा लगातार विरोध और दबाव बनाए जाने के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा। परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार 81 फीट ऊंची प्रतिमा का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, लेकिन बढ़ते तनाव के चलते काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
विरोध में निकाला गया मशाल जुलूस
निर्माण कार्य रुकने के विरोध में विभिन्न हिंदू संगठनों ने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रतिमा निर्माण का कार्य दोबारा शुरू कराया जाए और धार्मिक परियोजनाओं को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध और ईसाई एकता परिषद ने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों और परियोजनाओं को लेकर मिल रही धमकियां अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल पैदा कर रही हैं।
सांप्रदायिक सौहार्द पर जताई चिंता
अल्पसंख्यक अधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो देश में सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। संगठनों ने धार्मिक नफरत फैलाने और तनाव पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बढ़ सकती है राजनीतिक और सामाजिक बहस
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक धार्मिक प्रतिमा के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भी बहस को तेज कर सकता है। फिलहाल सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।