टेलीग्राम पर रोक को लेकर बढ़ा विवाद
NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कदम पर सवाल उठाते हुए सरकार की मंशा पर निशाना साधा है।
केजरीवाल ने फैसले को बताया बेतुका
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि टेलीग्राम बंद करने और प्रश्न पत्रों को सेना के विमानों से पहुंचाने जैसे कदमों से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास पेपर लीक रोकने की स्पष्ट रणनीति नहीं है और ऐसे फैसले केवल दिखावटी कार्रवाई हैं।
सरकार ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA के अनुसार टेलीग्राम पर अस्थायी रोक का उद्देश्य परीक्षा के दौरान नकल कराने वाले नेटवर्क और फर्जी सूचनाओं पर नियंत्रण रखना है। एजेंसी का कहना है कि 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
22 जून तक रहेगा प्रतिबंध
सरकारी निर्देशों के तहत टेलीग्राम ऐप को 22 जून तक गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटाने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग रोकना जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या अवैध गतिविधि को रोका जा सके।
पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा
NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। हालांकि पेपर लीक के आरोपों और विवादों के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI कर रही है।
विपक्ष और सरकार आमने-सामने
टेलीग्राम पर प्रतिबंध को लेकर विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार इसे परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है। ऐसे में NEET री-एग्जाम से पहले यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
छात्रों की नजर परीक्षा पर
राजनीतिक बयानबाजी के बीच लाखों छात्र अब केवल निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की उम्मीद कर रहे हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके संचालन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।