एक ही दिन में कई देशों में भूकंप से बढ़ी चिंता
दुनियाभर में गुरुवार को कई स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला और एशिया के जापान के बाद भारत के जम्मू-कश्मीर में भी धरती कांपी। हालांकि भारत में आए भूकंप की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही और किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
पुलवामा में तड़के महसूस हुए झटके
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 25 जून को तड़के 2 बजकर 36 मिनट 49 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 15 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
भूकंप के झटके महसूस होते ही कुछ लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इलाके से नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
वेनेजुएला में भयंकर तबाही
वहीं वेनेजुएला में बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार एक मिनट के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। इन झटकों ने राजधानी कराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही मचाई। कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रिपोर्टों के अनुसार राजधानी कराकस में एक 22 मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण लोग पूरी रात सड़कों पर रहने को मजबूर हो गए।
जापान और नेपाल में भी हिली धरती
जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, हालांकि वहां से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इसी तरह नेपाल में गुरुवार सुबह 5 बजकर 21 मिनट 43 सेकंड पर 3.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
नेपाल के हुमला जिले में कुछ दिन पहले भी 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंपीय गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भूकंप के दौरान क्या करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक भूकंप आने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। यदि आप किसी इमारत के अंदर हैं तो मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और खुले मैदान में पहुंचने की कोशिश करें। आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।