नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2026 | Dream Sankalp News
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग राज्यों में तैयारियों का जायजा लेने, अधिकारियों से समीक्षा करने और चुनाव में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जांच कराने की प्रक्रिया में जुटा है। इन तैयारियों के बीच चुनाव की तारीखों की घोषणा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
दैनिक जागरण की 13 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग की योजना पांचों राज्यों में अधिकारियों के दौरे और तैयारियों की समीक्षा 15 दिसंबर तक पूरी करने की है। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कभी भी की जा सकती है। हालांकि, चुनाव की तारीखें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई हैं। 15 दिसंबर के बाद घोषणा होने की बात रिपोर्ट में सामने आई संभावित समय-सीमा है, न कि आयोग की ओर से घोषित अंतिम तारीख।
किन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव?
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग इन राज्यों में प्रशासनिक तैयारियों, अधिकारियों की उपलब्धता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इंतजामों की समीक्षा कर रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में अधिकारियों की टीम भेजने के साथ समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी राज्यों में अधिकारियों के स्तर पर तैयारियों का जायजा अक्टूबर में पूरा करने की योजना बताई गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में अधिकारियों की टीमें नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में दौरा कर सकती हैं।
राज्यों में समीक्षा पूरी होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों का दौरा भी प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया है।
EVM की जांच शुरू, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी रहेंगे मौजूद
चुनाव तैयारियों के बीच पांचों राज्यों में चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM और VVPAT मशीनों की प्रथम स्तर की जांच यानी First Level Checking (FLC) शुरू होने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया में अधिकृत इंजीनियर मशीनों की तकनीकी और कार्यक्षमता संबंधी जांच करते हैं। यह जांच जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होती है।
जांच के दौरान कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT की स्थिति देखी जाती है। मशीनों पर मॉक पोल करके यह सुनिश्चित किया जाता है कि वे सही ढंग से काम कर रही हैं। जांच में सही पाई गई मशीनों को आगे चुनाव में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था के बीच होगी जांच
EVM की जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मशीनों के वेयरहाउस खोलने और बंद करने के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी तथा वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित हैं। आयोग की जानकारी के मुताबिक, केवल जांच में सही पाई गई मशीनों को ही चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है।
कब घोषित हो सकती हैं चुनाव की तारीखें?
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों की समीक्षा और चुनाव आयोग के प्रस्तावित दौरों को 15 दिसंबर तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संभव मानी जा रही है। हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
2027 में चुनाव होने वाले पांच राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर शामिल हैं। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है।
इसलिए चुनाव की सटीक तारीखों के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। फिलहाल तैयारियों, अधिकारियों के दौरों और EVM की जांच से संकेत मिलता है कि चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर काम जारी है।