पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने ली करवट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना; नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ समेत आसपास के इलाकों में सतर्क रहने की सलाह
नोएडा/मेरठ। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। नोएडा से लेकर मेरठ तक आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं। मेरठ में बारिश शुरू होने की खबर सामने आई, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी बादल छाने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई। मौसम में आए इस बदलाव से सुबह के समय ठंडक महसूस हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
सुबह बदला मौसम, आसमान में छाए बादल
गुरुवार सुबह नोएडा और मेरठ सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसपास मौसम का मिजाज बदला नजर आया। आसमान में घने बादल छाने के बाद बारिश की संभावना बढ़ गई। मेरठ में बारिश शुरू होने की सूचना मिली। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत महसूस हो सकती है, हालांकि बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क पर निकलने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
15 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 15 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ समेत आसपास के जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना भी बताई गई है। अलग-अलग जिलों में चेतावनी का स्तर और बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी कम दृश्यता और फिसलन वाली सड़कों को ध्यान में रखकर वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।
तापमान में गिरावट से बढ़ सकती है ठंडक
बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में राहत मिल सकती है। मौसम के इस बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने का एहसास हो सकता है। हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, यह बारिश की मात्रा और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए पूरे प्रदेश में अचानक कड़ाके की ठंड पड़ने का निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
तेज हवा, बारिश और संभावित ओलावृष्टि का असर खुले में रखी फसलों, बागवानी और खेतों में चल रहे काम पर पड़ सकता है। किसानों को मौसम की स्थिति देखकर कटाई के बाद रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और जरूरत पड़ने पर तिरपाल से ढकने की सलाह दी जाती है। आम लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, 15 अक्टूबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का असर अलग रह सकता है। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के निवासियों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि बारिश की तीव्रता और समय में क्षेत्रवार अंतर संभव है।